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HI: फ्यूचर्स ट्रेडिंग में लिक्विडेशन क्या है

फ्यूचर्स ट्रेडिंग में लिक्विडेशन क्या है

क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में, स्पॉट मार्केट में सीधे संपत्ति खरीदना और बेचना एक बात है, लेकिन फ्यूचर्स ट्रेडिंग एक अलग स्तर का अनुभव प्रदान करता है। फ्यूचर्स ट्रेडिंग में, आप वास्तव में संपत्ति का स्वामित्व नहीं लेते हैं, बल्कि आप भविष्य की किसी तारीख पर एक निश्चित कीमत पर खरीदने या बेचने के लिए एक समझौता करते हैं। यह लीवरेज (उत्तोलन) का उपयोग करने की अनुमति देता है, जिसका अर्थ है कि आप अपने पास मौजूद पूंजी से बड़ी स्थिति ले सकते हैं।

हालांकि, लीवरेज एक दोधारी तलवार है। जब बाजार आपके खिलाफ जाता है, तो लीवरेज आपके नुकसान को भी बढ़ा सकता है। यहीं पर 'लिक्विडेशन' (परिसमापन) की अवधारणा आती है। यह फ्यूचर्स ट्रेडिंग का सबसे महत्वपूर्ण जोखिम है जिसे हर शुरुआती ट्रेडर को समझना चाहिए।

लिक्विडेशन क्या है?

सरल शब्दों में, लिक्विडेशन वह प्रक्रिया है जहां आपका ब्रोकर या एक्सचेंज आपकी खुली हुई फ्यूचर्स पोजीशन को स्वचालित रूप से बंद कर देता है क्योंकि आपके खाते में पर्याप्त मार्जिन (सुरक्षा राशि) नहीं बचा है ताकि उस नुकसान को कवर किया जा सके।

जब आप कोई फ्यूचर्स पोजीशन खोलते हैं, तो आपको एक्सचेंज के पास कुछ धनराशि जमा करनी होती है जिसे 'मार्जिन' कहा जाता है। यह मार्जिन एक तरह की सुरक्षा जमा राशि है जो एक्सचेंज को यह आश्वासन देती है कि यदि ट्रेड गलत हो जाता है तो आप अपने नुकसान को कवर करने में सक्षम होंगे।

फ्यूचर्स में दो मुख्य प्रकार के मार्जिन होते हैं:

1. इनिशियल मार्जिन (प्रारंभिक मार्जिन): वह न्यूनतम राशि जो आपको पोजीशन खोलने के लिए चाहिए। 2. मेंटेनेंस मार्जिन (रखरखाव मार्जिन): वह न्यूनतम राशि जो आपको पोजीशन को खुला रखने के लिए बनाए रखनी होगी।

यदि बाजार की चाल के कारण आपके खाते का इक्विटी मूल्य (खाते का कुल मूल्य) रखरखाव मार्जिन स्तर से नीचे चला जाता है, तो लिक्विडेशन ट्रिगर हो जाता है। एक्सचेंज आपकी पोजीशन को जबरन बंद कर देता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आपका खाता नकारात्मक शेष (नेगेटिव बैलेंस) में न जाए।

लिक्विडेशन का मतलब है कि आपने अपना सारा शुरुआती मार्जिन खो दिया है। यह अक्सर तब होता है जब ट्रेडर उच्च लीवरेज का उपयोग करते हैं और बाजार में अचानक, तेज उतार-चढ़ाव आता है। लिक्विडेशन से बचने के लिए, जोखिम को सीमित करने के लिए स्टॉप लॉस लगाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

लिक्विडेशन क्यों होता है?

लिक्विडेशन का मूल कारण अपर्याप्त मार्जिन है। जब आप लीवरेज का उपयोग करते हैं, तो आप उधार ली गई धनराशि के साथ ट्रेड करते हैं।

मान लीजिए आपने 10x लीवरेज का उपयोग करके 1000 डॉलर मूल्य का एक लॉन्ग (खरीद) पोजीशन लिया। यदि बाजार केवल 10% गिरता है, तो आपके पूरे 1000 डॉलर का मूल्य समाप्त हो जाता है, और एक्सचेंज आपकी पोजीशन को लिक्विडेट कर देगा ताकि वे अपने उधार दिए गए धन को वापस पा सकें।

फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स की अपनी फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स की समाप्ति तिथि होती है, लेकिन लिक्विडेशन आमतौर पर समाप्ति तिथि से पहले ही हो जाता है जब मार्जिन कॉल विफल हो जाती है।

स्पॉट बनाम फ्यूचर्स: लिक्विडेशन का अंतर

स्पॉट ट्रेडिंग बनाम फ्यूचर्स ट्रेडिंग अंतर को समझना महत्वपूर्ण है।

Category:Crypto Spot & Futures Basics

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